**“आरंभ कर तू खुद को जानकर,तभी पहुँच पाएगा आसमान पर।खुद के ही हाथों खुद को तराश ले,आत्मसमर्पण से जीत को आसान कर।विचलित न होना संघर्ष के जाल में,मुश्किलों से लड़कर खुद को बलवान कर।"**
**“आरंभ कर तू खुद को जानकर,तभी पहुँच पाएगा आसमान पर।
खुद के ही हाथों खुद को तराश ले,आत्मसमर्पण से जीत को आसान कर।
विचलित न होना संघर्ष के जाल में,मुश्किलों से लड़कर खुद को बलवान कर।"**