
बिसरल प्यार के बोली भाषा
छूट गईल घर बार
अंखियां रास्ता रोज निहारे
सुन्ह भईल संसार
खोजी दर दर ठोकर खा के
मिले ना अब घर बार
अंखियां रास्ता रोज निहारे
सुन्ह भईल संसार
ध्यान ना आवे गांव मुहल्ला
बिसर गइले सब यार
अंखियां रास्ता रोज निहारे
सुन्ह भईल संसार
बिन आचर के आंसू सुखल
ना केहू करे पुकार
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