दादी!❤️
कायनात की सारी अच्छाइयां मुझ में उतार देती हैं
गर बढ़ने लगे नफरत से सिलसिले तो प्यार देती हैं
बूढ़ी झुर्रियों के सिलवटों के स्पर्श से दुलार देती हैं
खुद हो कर भी दुखी हमें खुशियां अपार देती हैं
किसी की बद्दुआओं का असर नहीं होता मुझ पर
क्योंकि मेरी दादी बात-बात में दुआएं बेशुमार देती हैं
हर शख्स हर रिश्ते का हर पल किरदार निभाती हैं
नम हो जाएं आंखें फिर भी परिवार चलाती हैं
हर मुश्किल बाधा से लड़ने का आधार बन जाती है
गर डगमगाए जीवन की नैया तो पतवार चलाती हैं
जीवन की हर महीन बारीकियों का सार बताती हैं
कुछ किस्से और कहावतों से फिर विस्तार बताती हैं
नादान,नासमझ और अज्ञान से समझदार बनाती हैं
मेरी प्यारी दादी ही मेरा पूरा संसार बनाती हैं!!
✍️✍️
~मानस उपाध्याय

