shayari of virah's image
Share0 Bookmarks 188462 Reads1 Likes
घड़ी विरह की आयी है कृष्ण 
साथ हमारा टूट गया
फिर भी क्यूँ न जाने 
एहसास तेरा रह गया 

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts