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ज़िम्मेदारी


#पैदाइश बचपन ज़वानी।परवरिश ऐश औ आराम से हुआ।।

#जानता है वो बस वो सिर्फ़ वो।कैसे तंगदिली मे मै बड़ा हुआ।।

#पहनी जब घिसी चप्पल वालिद की।तब जा के जिम्मेदारी का अहसास हुआ।।

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