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शुमारी


#ख़ुद को ही अब सज़ा देने लगा हूँ।पीनी छोड़ी जबसे बीमार रहने लगा हूँ।

#पीना अब वर्ज़िश मे नहीं शामिल।नशा अब औऱ है लिखने लगा हूँ।

#शुमारी अब होने लगी बेदख़ल।भीड़ मे मै भी अब दिखने लगा हूँ।

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