#बदकिस्मती ने हमेशा साथ दिया।
बाकी सब पास से निकल गए।।
#मशरूफियत क्या है पता नहीं।
हर सु खाली थे खाली रह गए।।
#राहतों के इंतज़ार मै बेदखल।
रास्ता देखते रहे बस रह गए।।
#होता तेरी जुस्तजू मे मै भी।
ख़्वाब था ख़्वाब ही रह गए।।
#मुहब्बत हो जंग हो या क़िस्मत।
हारते रहे और हारते ही रह गए।।
#जाने क्या क्या सोचा था करेंगे।
क्या करते बस करते करते रह गए।।
