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मां


#ख़ुद को कभी देखती नहीं।

बस मुझे निहारते देखा है।।

#लड़ती रही मेरे लिए।

कभी हारते नहीं देखा है।।

#ख़ुद की नींद की चिंता नहीं।

मेरे लिए जागते देखा है।।

#बाल सूफेद नज़र कमज़ोर।

मां को बस बूढ़ा होते देखा है।।

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