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ख़त


#तेरे ख़ाली ख़त ही।मेरे इश्क़ का हिसाब हैं।।

#हो सकता है शायद।मेरी लिखाई ही ख़राब है।।

#पहले न समझा अब समझा बेदख़ल।तेरा चुप रहना मेरे सवाल का जवाब है।।

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