Poetry 1 min read 620.1K reads

झूठा करदे।


#बहुत दिन हुए आज तर दे।दोस्त आज मेरा ग्लास भर दे।।

#क़िस्मत है चढ़े न चढ़े बेदख़ल।यार मेरे तू मेरा ग्लास झूठा कर दे।।

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