#बहुत दिन हुए आज तर दे।दोस्त आज मेरा ग्लास भर दे।।#क़िस्मत है चढ़े न चढ़े बेदख़ल।यार मेरे तू मेरा ग्लास झूठा कर दे।।
#बहुत दिन हुए आज तर दे।दोस्त आज मेरा ग्लास भर दे।।
#क़िस्मत है चढ़े न चढ़े बेदख़ल।यार मेरे तू मेरा ग्लास झूठा कर दे।।