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हँस लेता हूँ


#घिरता हूँ ग़मों सेतो हँस लेता हूँ।।

#जब हँसी नहीं आतीतो कुछ लिख लेता हूँ।।

#क़लम भी बोर हुई मुझसेउसको उंगली मे दबोच लेता हूँ।।

#अब कहाँ रखूँ इन्हें लिख करबस पड़ कर आँखें बंद कर लेता हूँ

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