# उंगलियों मे ताक़त आज आई हैगुस्ताख़ी आज फ़िर कलम उठाई है।#लिखूं क्या पता नहीं मेरे दोस्तदिनों बाद अपनी ख़ूबी याद आई है।
# उंगलियों मे ताक़त आज आई हैगुस्ताख़ी आज फ़िर कलम उठाई है।
#लिखूं क्या पता नहीं मेरे दोस्तदिनों बाद अपनी ख़ूबी याद आई है।