#है रोशनी की तलाशमग़र अंधेरा घुप है#लफ्जों को समझनेवाले ब़ज्मौ से लुप्त हैं#बेदखल उनके लिएनहीं लिखता जो दाद दे#शेर सिर्फ उन्हें सुनाने हैंजो महफिल मे चुप हैं
#है रोशनी की तलाशमग़र अंधेरा घुप है
#लफ्जों को समझनेवाले ब़ज्मौ से लुप्त हैं
#बेदखल उनके लिएनहीं लिखता जो दाद दे
#शेर सिर्फ उन्हें सुनाने हैंजो महफिल मे चुप हैं