#कम हैं साँसे थोड़ी और चाहिए

होगा पूरा शेर थोड़ा वक़्त चाहिए।


#निगाहें अभी किसी ढूंढ मे हैं

समक्ष आम नहीं ख़ास चाहिए।


#क्या किसी साथ सहारे ही कटेगी

आँखों मे आँख हाथों मे हाथ चाहिए।


#बोलती बंद है सबकी बेदख़ल

लिख़ने के लिए जुबां नहीं हाथ चाहिए।


#लिखना सब के बस की बात नहीं

कोई बेदख़ल या सिर्फ़ बेदख़ल चाहिए।