#गर हँस लेता तो।मेरा क्या जाता।।#क्या करूँ बेदख़ल बे वज़ह।मुस्कराना नहीं आता।।
#गर हँस लेता तो।मेरा क्या जाता।।
#क्या करूँ बेदख़ल बे वज़ह।मुस्कराना नहीं आता।।