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बाप


#न जाने कितनी बार कंधे पर बिठाया होगा।हमारी ज़िद का बोझ उठाया होगा।।

#अब इसका हमें भी तजर्बा होगा।बाप ने बाप का रिश्ता कैसे निभाया होगा।।

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