आज फिर खो जाएंएक नए कल की तलाश में।नहीं आयेगा फिर से लम्हा येकमल कहां से आएगा पलाश में।कोई लम्हा तो रुक जाए,जीवन होगा विनाश में।रुक कर फिर से चल देनाबदलना नहीं तू लाश में।
आज फिर खो जाएंएक नए कल की तलाश में।
नहीं आयेगा फिर से लम्हा येकमल कहां से आएगा पलाश में।
कोई लम्हा तो रुक जाए,जीवन होगा विनाश में।
रुक कर फिर से चल देनाबदलना नहीं तू लाश में।