पुरुष का पुरुष होनास्त्री के लिए सबसेबड़ी कमजोरी है।जो स्त्री इसको अपनीशक्ति बना ले,वो महान हो जाती है।स्त्रीत्व अधूरा हैबगैर पुरुषत्व के।नदी भी जब सीमा तोड़ती है,तब सिवाय बर्बादीके कुछ नहीं होता।