दुनिया जिसे मेरिट कहती है,
दरअसल वो विशेषाधिकार है,
जो जाति धर्म के आधार पर
और असली मेरिट पर प्रहार है।
अंगूठे अब भी कट रहे
बस छुरी बदली है।
राज आज भी उनका है
बस धुरी बदली है।
वो जो अपना कहते हैं
कायनात पूरी बदली है,
'रंगा' अब बस कर यार
दुश्मन ने भी कुश्ती नूरी बदली है
दुश्मन से तो हम लड़ लेंगे
दोस्तों ने मजबूरी बदली है।