जनवरी की सर्दी

लो फिर से आ गई

घर आंगन में धुंध

लो फिर से आ गई

ठिठुर गया जनजीवन

भौकाल बन गया तन मन

धुंआ धुंआ सब लगता है

पानी से दूरी जीवन की तलाश

लो फिर से आ गई।