दोजख हो जाती है

जिंदगी

गरीबी

और बेरोजगारी में।

आदमी चाहकर

भी उभर नहीं सकता

कर्जे और बीमारी में।

जीवन नीम से भी

कड़वा है

कोई कमी न रहे

तेरी तैयारी में।