(✯छोटी सी ज़िन्दगानी✯)
(✯इसमें भी कोई अपना नहीं✯)
इश्क़ है रूठा हुआ!
है रूठी हुई दोस्ती भी!!
ना इश्क़ को हम निभा पाए!
ना निभा पाए दोस्ती भी!!
हैं ग़लतियाँ हमसे भी हुई!
हर गलती उनकी भी नहीं!!
इन गलतियों के शिकार हम हुए!
तो बच पाए वो भी नहीं!!
पामाल हुआ हर रिश्ता!
बचा कुछ भी नहीं!!
है छोटी सी ज़िन्दगानी!
इसमें भी कोई अपना नहीं!!
किया होगा कुछ बुरा हमनें!
हर ख़ता क़िस्मत की नहीं!!
मिट चुकी हैं सब लकीरें!
हाथों में कुछ रहा ही नहीं!!
ना नादाँ हैं हम!
हैं समझदार भी नहीं!!
बस बुरे हैं हम!
हमसे दूरियाँ हैं सही!!
(✯Mahira Choudhary✯)

