एक जादूगर आया था ..मेरे गाँव में ...
जादू दिखाने ..
पर जादूगरी में तुमसे ..पीछे था वो ..
तुम्हारे जैसा ..जादू नहीँ आता था उसे ..
वो सोचता ..था की छडी..घूमा कर कारनामे करता हूँ ..?
पर तुमने ...ना तो छडी घुमाई ..और ना जंतर मंतर कोई ..
बस नज़र तिरछी थी ..और आँखें झुकी हुई ..
जो जादू कर गई ..
हाँ ...
सच में.. जादू कर गई ..
जादू टोना नहीं जानती ..पर बड़ी जादुगरनी हो तुम ..
जादुगरनी हो तुम ..
#different_dhruw