राम क्या हैं, राम कौन, राम किस धर्म की धुरी,
राम खोजने के लिए मन में राम चाहिये।
क्या है धर्म, क्या अधर्म, क्या है सत्य या असत्य,
जानने की चाह है तो कर्म राम चाहिए।।
राम अयोध्या के राजा, दीन-वंचितों के दाता,
मन अवध के पुण्य भुवन में राम चाहिए।
शब्द-शब्द राम-राम, राम ही उचारिये बस
कंठ को उबारने भजन में राम चाहिए।।
# महेन्द्र सिंह राजपूत


