ये ऊंची इमारतें
आसमान को छूने की कोशिश में
उखड़ जाती हैं अपनी ही ज़मीन से
और बिखर जाती हैं एक दिन
दिखावे की इस चकाचौंध में...
रह जाती है लटकती
धरा और व्योम के बीच कहीं
अपने ही अस्तित्व को बचाने में !!
~मधुलिका


ये ऊंची इमारतें
आसमान को छूने की कोशिश में
उखड़ जाती हैं अपनी ही ज़मीन से
और बिखर जाती हैं एक दिन
दिखावे की इस चकाचौंध में...
रह जाती है लटकती
धरा और व्योम के बीच कहीं
अपने ही अस्तित्व को बचाने में !!
~मधुलिका