उम्मीद की रोशनी आज फिर से खिली है
निराशा को दूर होना होगा
अंधेरा भी दुम दबा कर भागेगा
आशा का फिर से नया जन्म होगा
सफलता के नये बीज लगा
हम उन्हीं उम्मीदों से उनको सींचेगे
एक नये से हम एक नया रूप लेकर
फिर से नये से खिलेंगे
~मधुलिका


उम्मीद की रोशनी आज फिर से खिली है
निराशा को दूर होना होगा
अंधेरा भी दुम दबा कर भागेगा
आशा का फिर से नया जन्म होगा
सफलता के नये बीज लगा
हम उन्हीं उम्मीदों से उनको सींचेगे
एक नये से हम एक नया रूप लेकर
फिर से नये से खिलेंगे
~मधुलिका