तक़ाज़ा था उनका हम जिये उनके बगैर 

सज़ा ये भी है मंजूर हमें 


ख़्वाहिश तुम भी मेरी एक पूरी कर जाना 

कब्र पर मेरी गुलाब का एक फूल रख जाना 


~मधुलिका / @Bawra_Mann_