पानी...
आँखों से गिरे
तो आँसू कहलाते हैं
आसमां से बरसे
तो जीवन दे जाते हैं
ना हो
तो सूखा
ज्यादा हो
तो सैलाब
ले आता है
कीमत इसकी
वही जानें
जो दाम देकर
इसको पाये
ये है तो बहार हैं
नहीं तो सृष्टि बर्बाद है
बूंद बूंद संचित
करो इसकी
अब भी वक्त हैं इंसानों
तुम कद्र
करो इसकी
~मधुलिका /@Bawra_Mann_
