मैं जैसी भी हूं
खुद के लिए पर्याप्त हूँ
मेरे जैसी सिर्फ मैं हूँ
खुद से प्यार करती हूँ
खुद का सम्मान करती हूँ
खुद को चोट पहुंचाने का हक
भी किसी को नही देती हूँ
शायद आपको स्वार्थी लगू
पर सच मानिये अगर आप खुद को
मान नहीं देगे तो दुसरे आपका सम्मान
क्यों करेंगे ??
सोचियेगा जरूर !!!
~मधुलिका
