जागो, देखो
उम्मीद को मरते हुए
भूख को कराहते हुए
सपनों को बिखरते हुए
झूठी शान में सच्चाई को लुटते हुए
जागो, देखो
अब भी देख सकते हो
या बैठे हो आँखें मूंदे
जैसे कुछ हुआ ही नहीं
इंसान तो नहीं हो तुम
जिंदा लाश बन फिर रहे हो तुम
~मधुलिका / @Bawra_Mann_


जागो, देखो
उम्मीद को मरते हुए
भूख को कराहते हुए
सपनों को बिखरते हुए
झूठी शान में सच्चाई को लुटते हुए
जागो, देखो
अब भी देख सकते हो
या बैठे हो आँखें मूंदे
जैसे कुछ हुआ ही नहीं
इंसान तो नहीं हो तुम
जिंदा लाश बन फिर रहे हो तुम
~मधुलिका / @Bawra_Mann_