दिल-ए-नादां समझ न पायातेरे इश्क़ का फ़रेबतबाह भी हुये लूटे भी गयेफिर भी लबो पर मेरेना गिला ना शिकवा
दिल-ए-नादां समझ न पायातेरे इश्क़ का फ़रेब
तबाह भी हुये लूटे भी गयेफिर भी लबो पर मेरेना गिला ना शिकवा