एक दिन जाऊगी
सभी को छोड़ कर
दूर बहुत दूर
जहां कोई भी
जाना पहचाना न हो..
अजनबी से सभी
चेहरे हो..
न मुझे कोई जाने
न मैं किसी को जानू
साथ मेरे
मेरी कलम और
कुछ किताबें हो..
डायरी के कुछ
खाली पन्ने हो..
मेरे दर्द से
भरी मेरी गठरी हो..
मेरी सहेली
मेरी अपनी खामोशी हो..
~मधुलिका


