
अनगिनत इच्छायें मन की
जीवन भर है साथ चलती
एक मरती दूसरी जिंदा होती
एक दुजे से जुदा नहीं ये होती
हम भागते निरंतर इनके पीछे
कभी सुख क
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अनगिनत इच्छायें मन की
जीवन भर है साथ चलती
एक मरती दूसरी जिंदा होती
एक दुजे से जुदा नहीं ये होती
हम भागते निरंतर इनके पीछे
कभी सुख क