अनगिनत इच्छायें मन की
जीवन भर है साथ चलती
एक मरती दूसरी जिंदा होती
एक दुजे से जुदा नहीं ये होती
हम भागते निरंतर इनके पीछे
कभी सुख कभी दुख ये देती
कब्जा कर हमारे मन पर ये
हमें अपने ही इशारे पर नचाती
अनगिनत इच्छायें मन की
जीवन भर है साथ चलती
~मधुलिका / @Bawra_Mann


