Poetry 1 min read 393.1K reads

लुत्फ़....


पहले हर पल उसकी याद में आंसू बहाती थी।अब आँसुओं के साथ लुत्फ़ ज़िंदगी का उठने लगी हूं।।मधु गुप्ता अपराजिता "

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