उसका इख़्तियार है कुछ मुझ में ऐसा।जैसे देह में सांसों का पल-पल चलना।।मधु गुप्ता "अपराजिता"
उसका इख़्तियार है कुछ मुझ में ऐसा।जैसे देह में सांसों का पल-पल चलना।।
मधु गुप्ता "अपराजिता"