बड़ी चतुराई से उसने अपने दिल से मेरा नाम मिटाया है।लिखा है नाम किसका बदले में यह ना उसने बताया है।।बड़ा बेचैन फिरता है मग़र नजरों को ना उसने मुझसे मिलाया है।कौन है जिसका अफ़्साना उसने अपनी आंखों में बसाया है।।मधु गुप्ता "अपराजिता"