वो बीते दिन बहुत याद आते है मुझे,
वो दिन जब में हस्ती थी, खेलती थी,
अपनी उमंगो की पतंग ले कर उड़ती थी,
कुछ अलग ही मिज़ाज़ था मेरा,
बस अपने दिल की सुनती थी,
ना गम की चिंता, ना खुशियों की चाह,
ना ज़माने की, ना लोगो की सोचती थी,
बस मैं और मेरे सपने,
इतनी ही दुनियां मेरी थी,
वो बीते दिन बहुत याद आते है मुझे,
जब में ज़िन्दगी जिया करती थी...


