तू मिला मगर हमें मिला नहीं,
हमको फिर भी कोई शिक़वा गिला नहीं।
दिल पर तस्वीर फ़क़त तिरी ही रही,
तू मिला मगर हमें मिला नहीं।
ख़ुश्बू तिरी हर लम्हा मिरी रूह में रही,
तुम मिला मगर हमें मिला नहीं।
हो जहाँ भी तू दुनिया में ऐ सुकूँ-ए-रूह,
रहना ख़ुश सलामत हो चाहे कहीं।
तू मिला मगर हमें मिला नहीं,
हमको फिर भी कोई शिक़वा गिला नहीं।


