कितना भी रोकूँ पर यह चाहत नहीं रुकती।यादों की हृदय में चल रही आँधी नहीं थमती।तुम्हारे बिन ज़िंदगी की बस इतनी कहानी है!हवा मिलती तो है खूब पर साँसें नहीं मिलती।
कितना भी रोकूँ पर यह चाहत नहीं रुकती।यादों की हृदय में चल रही आँधी नहीं थमती।
तुम्हारे बिन ज़िंदगी की बस इतनी कहानी है!हवा मिलती तो है खूब पर साँसें नहीं मिलती।