तुम! जानना चाहती हो
मेरे जीवन का आधार क्या है
मेरी समस्त आकांक्षाएँ
उनमें समाया व्यवहार क्या है
प्रतिपल बीतता जीवन
और उसकी प्राप्ति सार क्या है
स्पंदित हृदय में तरंगित
स्वर मध्य गुंजित सितार क्या है
मुझे बस इतना पता चला
कि इस जहाँ में मेरा प्यार क्या है
तुम्हें भी ऐसा ख्याल आये
तो तुम बस पहला शब्द देखनाl