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इश्क़ अपना........


रात तन्हा अनामकिसी साये के साथ।

बहुत याद आता है,तेरा वो हाथों में हाथ।

इश्क़ अपना कुछ,इस मुकाम पर आया,

लबों पर ख़ामोशी,दुआओं में उठते हाथ।

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