खुशियाँ कभी मिली नहीं सुख के अवसर में,हर एक बाज़ी हारे हम जीवन के इस चौसर में।
खुशियाँ कभी मिली नहीं सुख के अवसर में,
हर एक बाज़ी हारे हम जीवन के इस चौसर में।