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विजय


वो विजय नहीं थी इतनी भी आसान विजयजिसकी आज भी होती है जग में जय जय

रिपु याद रखेगा सदियों, तब जो मिली पराजयआज भी उसके बैठा होगा मन में भय भय।

— इक़बाल सिंह...✍️
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