मानो ये कि शौर्य चक्र से भी ये बड़ा चक्र है
फिर से घूमा जीवन में तुमरे ये समय चक्र है
अदभुत, इस उपलब्धि पर मेजर को ही नहीं
पूरे देश को नितिका तुम पर अज हुआ फक्र है।
निश्चित ही विभूति आज कहीं, मुसकाया होगा
गर्व से भर कर सीना वो भी इतना हर्षाया होगा
देख तुम्हें वर्दी में और सैल्यूट तुम्हे करने, वो भी
POP में किसी रूप में आज धरा पर आया होगा।
धन्य है हिंद की सेना और धन्य हैं ये सैनानी
धन्य है वो सारे जिनने पाई वीरगति लासानी
धन्य हैं वो परिवार सभी जो जुड़े हुए सेना से
धन्य है उनकी देश प्रति दी अपनों की कुर्बानी।
धन्य है उनकी देश प्रति दी अपनों की कुर्बानी।।
~ इक़बाल सिंह...✍️


