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Chai


ऐ ज़िन्दगी ! मुश्किलें जो तूने दी है ,एक-एक कर बतानी है तुझे, मिल किसी शाम फुर्सत मेंएक प्याला चाय पिलानी है तुझे..

— लक्की मोहनिया
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