उस शख़्स को भूलने भूलाने में अभी कुछ दिन लगेंगे
लोगों को समझने समझाने में अभी कुछ दिन लगेंगे

जब तक उसके पहलू में था तो मैं भी बहुत खुश था 
उससे दूर हो कर मुस्कुराने में अभी कुछ दिन लगेंगे 

उसकी हर झूठ को जो मैं सच मान के बैठा हुआ था
उसके बुने जाल से निकलने में अभी कुछ दिन लगेंगे

अंजुमन में वो आए हैं अपने दिल का फ़साना सुनाने
उनके झूठे फ़साने से उभरने में अभी कुछ दिन लगेंगे 

इस सलीके से उसने मुझे छोड़ा कि बुरा भी नहीं लगा
मेरे दिल को ये सच अपनाने में अभी कुछ दिन लगेंगे 

तुझे खोने के बाद नए ख़्वाबों से डर लगता हैं 'अंकित'
आंखों को नए ख़्वाब सजाने में अभी कुछ दिन लगेंगे

• अंकित राज ( #Ankswrites)