मेरी मां ❤️
एक शख्स ने मेरे हक दुआ मांगी थीं,
वो कोई दुसरा नहीं वो शख़्स मेरी मां थीं.
मैं ही उसका प्यार न समझ पाया,
वो तो मुझे ख़ुद से भी ज्यादा चाहती थीं.
मैं बीमार हो जाऊं ज़रा सा भी तो,
वो मेरे सिरहाने बैठ सारी रात जागती थीं.
अब वैसी मोहब्बत तूझे कहां मिलेगी 'अंकित ',
जो तूझे हर सांस से पहले ढूंढा करती थीं.
ये सारी खूबियां सिर्फ़ मां में ही होती हैं
कि वो कुछ बोले तो मिरे लिए दुआ निकलती थी..

