वो मेरे ख़्वाबों में दबे पांव चले आता हैं
फिर हम दोनों का मिलन हो जाता हैं
हम दोनों इधर उधर की बातें करते हैं
फिर मेरे कंधे पर वो सिर टेका लेता हैं
मैं भी उस के सिर पर सिर टेका कर
उस का हाथ में अपने हाथ ले कर
बहुत देर तक बस यहीं सोचता हूं
क्या हम दोनों एक दिन बिछड़ जाएंगे ?
हम दोनों कि बिछड़ने का सुन कर
वो मेरे मुंह पर अंगुली रख देता हैं
और कहता हैं कि अब ना मुझको फिर से हार देना
जुदा करने से पहले मार देना , जुदा करने से पहले मार देना
फिर सुबह जब यकायक नींद खुल जाता हैं
वो फिर बिन बताएं ही हमसे बिछड़ जाता हैं
अगले रोज़ ख़्वाब में मिलने के लिए
मुझ को रात का इंतजार होता हैं
इसी तरह से हम दोनों का बात होता हैं..

