आ गया हूं फिर से एक बार शहर में तेरे ..'s image
Zyada Poetry ContestPoetry1 min read

आ गया हूं फिर से एक बार शहर में तेरे ..

AnkswritesAnkswrites April 27, 2022
Share0 Bookmarks 43958 Reads0 Likes

आ गया हूं फिर से एक बार शहर में तेरे

तेरी उदास इन गलियों और चौबार में तेरे


तुझ को अकेला ही निकलना पड़ेगा घर से

कोई भी यहां साथ नहीं देगा सफ़र में तेरे


मिज़ाज कुछ बदला हुआ हैं शहर का तेरा

एक हमही नहीं जो आए थे दीदार को तेरे


कब आएगा जानें वालें तूने ये बताया नहीं

सदियों से बैठा उसी राह पे मुंतजिर में तेरे


एक दफ़ा भी अपना नहीं कहा तुमने मुझको

आख़िर मैं क्यूं सब कुछ लुटा दूं निस

Send Gift

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts