ग़ज़ल's image
Share0 Bookmarks 65555 Reads0 Likes

चुन लिया जबसे ठिकाना दिल का
खूब मौसम है सुहाना दिल का

सांस लेना भी हो गया मुश्किल
खेल समझे थे लगाना दिल का

कैसे करते न नाम पर तेरे
मुस्कुराहट है या बयाना दिल का

थक गई है उनींदे रस्तों से

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts